वीरगाथा 6.0 के तहत सिंघौरी स्कूल में निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

वीर शहीदों के शौर्य और बलिदान को बच्चों ने चित्रों एवं निबंधों के माध्यम से किया अभिव्यक्त

सिंघौरी (बेमेतरा)। विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना जागृत करने, वीर शहीदों के अदम्य साहस एवं बलिदान से परिचित कराने तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंघौरी में वीरगाथा 6.0 के अंतर्गत निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस गतिविधि में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के चित्र बनाए तथा उनके जीवन, शौर्य, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण पर आधारित निबंध लिखे। बच्चों ने रंगों और शब्दों के माध्यम से वीर सैनिकों के प्रति अपना सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त किया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को देश के वीर सपूतों के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा से परिचित होने का अवसर प्रदान किया।

संस्था प्रमुख श्रीमती सरस्वती साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वीर शहीदों का जीवन हमें साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को महापुरुषों एवं वीर सैनिकों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी रचनात्मक गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम में देवेंद्र साहू, नुतेश्वर चंद्राकर, प्रशांत बघेल, शशिकला यादव, किरण खरे, धनीराम बंजारे, पूनम साहू सहित डाइट एवं समाधान महाविद्यालय से आए छात्राध्यापक उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के प्रयासों और सहभागिता की सराहना की।

वीरगाथा परियोजना की शुरुआत वर्ष 2021 में वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों के साहस, शौर्य और बलिदान की कहानियों को विद्यार्थियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से की गई थी। यह रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त पहल है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को निबंध, कविता, चित्रकला, कहानी, मल्टीमीडिया प्रस्तुति और लघु वीडियो जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से देश के वीर नायकों के जीवन से जुड़ने का अवसर मिलता है।

वीरगाथा 6.0 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, नागरिक चेतना, साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को विकसित करने का एक शैक्षिक प्रयास है। ऐसी गतिविधियों से बच्चे पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर देश के इतिहास, वीरता पुरस्कार विजेताओं और महान योद्धाओं के योगदान को समझते हैं। साथ ही, उनकी कल्पनाशक्ति, लेखन क्षमता, कलात्मक अभिव्यक्ति और शोध करने की प्रवृत्ति को भी प्रोत्साहन मिलता है।

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंघौरी में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सच्ची देशभक्ति केवल देश के वीरों को याद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करना, समाज के प्रति जिम्मेदार बनना और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना भी देशसेवा है।

इस आयोजन ने विद्यार्थियों को वीर शहीदों के अमूल्य बलिदान को समझने, अपनी रचनात्मक प्रतिभा निखारने तथा राष्ट्र के प्रति सम्मान, समर्पण और जिम्मेदारी का भाव विकसित करने का संदेश दिया।

Leave a Comment