Hindi Diwas celebrated with great enthusiasm at Singhauri School.

शिक्षा संकल्प के द्वारा हिंदी दिवस पर प्रतियोगिता कराया गया

“कहानी, गीत, कविता व पुस्तक वाचन के साथ निबंध प्रतियोगिता का हुआ आयोजन”

सिंघौरी।भारत में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व, गौरव और उपयोगिता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करना है।

हिंदी हमारी संस्कृति, साहित्य और परंपराओं की सशक्त अभिव्यक्ति है। विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थानों में इस दिन निबंध, कविता, कहानी, भाषण और वाचन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। हमें हिंदी का सम्मान और दैनिक जीवन में अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए।इसी तारतम्य में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंघौरी में हिंदी दिवस हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों से कहानी, गीत, कविता एवं पुस्तकों का वाचन कराया गया, जिससे उनमें हिंदी भाषा के प्रति रुचि एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास हो। साथ ही विद्यार्थियों के बीच निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

हिंदी दिवस: हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक

हर साल 14 सितंबर को भारत में ‘हिंदी दिवस’ बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा (राजभाषा) के रूप में स्वीकार किया था। इसके बाद 1953 से हर वर्ष इस दिन को विशेष उत्सव की तरह मनाया जाने लगा।

हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर, भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकता का एक मजबूत सूत्र है। यह देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जो विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के लोगों को आपस में जोड़ती है। हिंदी की लिपि ‘देवनागरी’ है, जो अपनी सरलता, वैज्ञानिकता और स्पष्टता के लिए जानी जाती है।

आज के वैश्विक युग में हिंदी की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से बढ़ रही है। डिजिटल क्रांति, इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में हिंदी सामग्री की मांग में भारी इजाफा हुआ है।

हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हिंदी के महत्व के प्रति जागरूक करना और दैनिक व्यवहार में इसके अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देना है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए और इसके उत्थान एवं सम्मान के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए।


कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने हिंदी भाषा के महत्व, उपयोगिता एवं वर्तमान समय में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और भावनाओं को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण भाषा है। विद्यार्थियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग एवं साहित्य के अध्ययन के लिए प्रेरित किया गया।
निबंध प्रतियोगिता में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा संकल्प समिति की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर संस्था प्रमुख सरस्वती साहू सहित देवेंद्र साहू, नुतेश्वर चंद्राकर, प्रशांत बघेल, शशिकला यादव, किरण खरे, पूनम साहू, विनीता श्रीवास एवं पूजा मानिकपुरी तथा समाधान महाविद्यालय से आए छात्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति सकारात्मक रुचि पैदा करने का संदेश दिया।

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